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नॉर्थ ईस्ट के राज्य त्रिपुरा में जिला अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे शैलेश कुमार यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। इस वीडियो में वह एक शादी समारोह में छापामारी करते हुए दिख रहे हैं। वेस्ट त्रिपुरा में यह शादी कोरोना महामारी के कर्फ्यू के बीच आयोजित की गई थी, जब डीएम शादी में शामिल लोगों द्वारा कोविड-19 का पालन नहीं किए जाने पर भड़क रहे थे तभी उनका यह वीडियो वायरल हुआ है।

2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं

इस वीडियो के वायरल होते ही लोग अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं और डीएम शैलेश कुमार की बहुत ज्यादा आलोचना की जा रही है। डॉ शैलेश कुमार यादव साल 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की थी। उनका जन्म और पालन-पोषण उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में हुआ। वह अभी 42 साल के हैं, उनका जन्म 23 जून 1979 को हुआ था उन्हें मणिपुर कैडर दिया गया था।

पंडित को मारा चांटा, दूल्हे के साथ की बदतमीजी

फिलहाल वो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने दो वीडियो को लेकर चर्चा में बने हुए हैं, दोनों वीडियो डीएम द्वारा मैरिज हॉल पर की गई कार्यवाही के दौरान के हैं। जिलाधिकारी ने पहले वहां से बैंड वालों को भगाया, उसके बाद शादी में शामिल लोगों को वहां से दौड़ा दिया, इतना ही नहीं डीएम ने दुल्हन को स्टेज से नीचे उतरने के लिए भी कहा, उन्होंने पंडित को चांटा मारा और दूल्हे को भी बदतमीजी कर के वहां से भगा दिया। वही बाकी अधिकारी शादी में आए मेहमानों को मैरिज हॉल से बाहर निकालने में लगे रहे। जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव ने प्रशासन के साथ सहयोग नहीं करने के लिए पुलिस के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया।

इस दौरान जिलाधिकारी ने पुलिसकर्मियों को फटकार भी लगाई साफ शब्दों में कहा कि 'I am your blo*** DM' इस दौरान डीएम ने पूर्वी अगरतला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी और कुछ ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की सिफारिश भी की जिन्हे जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना करते देखा गया था।

वीडियो वायरल होने के बाद किए गए सस्पेंड

डीएम के बदतमीजी का यह वीडियो वायरल होते ही उनकी जमकर आलोचना की गई। लोगों ने डीएम के रवैये के खिलाफ सवाल उठाना शुरू कर दिए। कई लोगो ने इस वीडियो पर कमेंट करते हुए शैलेश यादव के व्यवहार की निंदा की। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी शैलेश यादव ने माफी मांग ली है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावना को आहत करना नहीं था,वही मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव ने मुख्य सचिव मनोज कुमार को घटना को लेकर रिपोर्ट तलब करने को कहा था और मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करने के बाद डीएम को सस्पेंड भी कर दिया।

बता दें कि त्रिपुरा में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। यहां हर दिन औसतन 100 मरीज सामने आ रहे हैं। राज्य में 1000 से अधिक मरीजों को अस्पताल की देखभाल प्रदान करने के लिए कोई बुनियादी ढांचा नहीं है, बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर अगरतला नगर निगम क्षेत्रों में 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू का समय रात 10:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक का है। वहीं शादी में जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव द्वारा की गई इस कार्यवाही को लेकर विधायक ने उनकी शिकायत के लिए सरकार को पत्र लिखा है।

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