कोरोना के बढ़ते संक्रमण और उसकी दूसरी लहर जिस तरह से मौत का कहर बरपा रही है हर कोई इस से डरा हुआ है। इसी बीच सोशल मीडिया पर योग गुरु बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर के जरिए दावा किया जा रहा है कि बालकृष्ण कोरोना से संक्रमित हो गए हैं और एम्स में भर्ती हैं। तस्वीर में देखा जा सकता है कि बालकृष्ण एक बेड पर ऑक्सीजन मास्क लगाए हुए लेटे हैं, साथ ही पोस्ट में तंज करते हुए कहा गया है कि देश में लोगों को ऑक्सीजन और बैड के लिए जूझना पड़ रहा है, लेकिन बालकृष्ण को एम्स में आराम से बैठ मिल गया।

फैक्ट चेक: दो साल पुरानी तस्वीर के जरिये आचार्य बालकृष्ण के कोरोना संक्रमित होने का दावा - fact check viral photo acharya bal krishna patanjali coronavirus aiims social media - AajTak

पतंजलि को किया जा रहा है ट्रोल

वायरल पोस्ट में पतंजलि की करोनिल को लेकर भी काफी आलोचना की जा रही है। लिखा है कि जिस कोरोनिल को मंत्री कोरोना की दवा बता कर बेच रहे थे, उसने अपने मालिक का ही साथ नहीं दिया। दरअसल इस साल फरवरी में जब कोरोनिल को लॉन्च किया गया था तब कार्यक्रम में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हर्षवर्धन भी मौजूद थे।

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम ने पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है। यह तस्वीर अगस्त 2019 की है, जब बालकृष्ण की तबीयत अचानक खराब हो गई थी और उन्हें ऋषिकेश के एम्स में भर्ती कराया गया था।

कोरोनिल  ने अपने मालिक का साथ नहीं दिया

इस तस्वीर को शेयर करते हुए फेसबुक यूजर्स कैप्शन में लिख रहे हैं 'रामदेव के संगने बालकृष्ण को कोरोना होगयाऔर करोनिल ने अपने मालिक का ही साथ नहीं दिया। बालकृष्ण जी ऑक्सीजन ले रहे हैं, एम्स में यह मत पूछना कि एम्स में उन्हें बेड कैसे मिल गया। कौन कह रहा था कि सिस्टम फेल है, यह सिस्टम है जो काम कर रहा है, सिस्टम जिनका होता है, उनके लिए बेड ऑक्सीजन सब मिल जाता है। सिस्टम बालकृष्ण जैसों का है, वह आपको कोरोना वायरस से मार देंगे और खुद ऑक्सीजन के साथ बैड ले लेंगे। ऐसे ही कुछ पोस्ट ट्विटर पर भी लोगों ने शेयर की।

यह है सच

इंटरनेट पर जिसमें वायरल तस्वीर मौजूद थी वह 2 साल पुरानी है। खबर के मुताबिक 23 अगस्त 2019 को बालकृष्ण को सीने में दर्द महसूस हुआ और बेहोशी की आशंका हुई। इसी के चलते पहले बालकृष्ण को नजदीकी निजी अस्पताल में ले जाया गया फिर उन्हें आनन-फानन में एम्स ऋषिकेश के आईसीयू में भर्ती किया गया। इस बारे में पतंजलि संस्थान का कहना था कि संभवतः आचार्य बालकृष्ण को फूड पॉइजनिंग हुई थी। इस बारे में कई मीडिया संस्थानों ने भी खबर प्रकाशित की थी। अगले ही दिन तबीयत में सुधार आने के बाद बालकृष्ण को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया था। वायरल पोस्ट को लेकर बालकृष्ण ने इंडिया टुडे को बताया कि उनको कोरोना होने की खबर झूठी है और वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। हालांकि कुछ दिन पहले ऐसी खबरें जरूर आई थी कि पतंजलि के हरिद्वार स्थित संस्थाओं में कोरोना फैल गया है। लेकिन रामदेव बाबा ने और उनके प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने इसे अफवाह बताया था।

इस जांच पड़ताल से यह पुष्टि हो जाती है कि आचार्य बालकृष्ण की लगभग 2 साल पुरानी तस्वीर वायरल की जा रही है जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि वह कोरोना संक्रमित हो गए हैं जो कि सरासर गलत है।

Comments

comments