Biography Of Mahendra Singh Tikait 

महेंद्र सिंह टिकैत का जन्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के सिसौली गांव में सन 1935 में हुआ था। वह उत्तर प्रदेश के किसान नेता थे और साथ ही भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भी। टिकैत 25 सालों तक किसानों की समस्याओं के लिए संघर्षरत रहे।पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के जाट किसानों में टिकैत की अच्छी साख होती थी।

अपने आंदोलन से आए चर्चा में

1987 में किसानों के लिए एक आंदोलन में विशाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी की गई जिसमें 2 किसान और पीएसी का एक जवान मारा गया था यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा में आई और इसी घटना से टिकैत को पहचान मिली।

इस घटना को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने अपने हाथों में लिया और टिकैत की ताकत को पहचान कर खुद सिसौली जाकर किसानों की पंचायत को संबोधित किया और उन्हे राहत दी।

इस आंदोलन के बाद टिकैत पूरे देश के किसानों के लिए काम करने लगे। उन्होंने अपने इस काम को राजनीति से बिल्कुल अलग रखा और दिल्ली जाकर भी बहुत बार धरना प्रदर्शन किए।

 सर्वसम्मति से बने किसान यूनियन के अध्यक्ष

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किसानों की इसी महासभा में टिकैत को सर्वसम्मति से यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया था अपने इसी पद का सम्मान करते हुए टिकैत ने किसानों के लिए और सरकार के खिलाफ कई बड़े आंदोलन किए थे। इस आंदोलन के बाद 1988 में मेरठ में भी किसानों के हक में एक आंदोलन किया गया तथा दिल्ली के बोर्ड क्लब में भी 1 सप्ताह का प्रदर्शन किया गया था।

विवादों में आकर हुए गिरफ़्तार

2008 में टिकैत ने मायावती के खिलाफ अपमान जनक व जातिसूचक टिप्पणी की थी जिसके आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था इसके चलते वे काफी विवादों में घिर गए थे हालांकि उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

वैसे तो टिकट काफी बार गिरफ्तार हो चुके थे अपने आंदोलनों के चलते लेकिन किसी विवाद के चलते उन्हें पहली बार गिरफ्तार किया गया था।

2011 मे हुआ निधन

2011 में 76 वर्ष की आयु में टिकैत का निधन हो गया था बताया जाता है कि वह हड्डियों के कैंसर से पीड़ित थे और इसी बीमारी के चलते उनका देहांत हुआ। उनके निधन  की खबर से तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शोक जताया था और इसे देश की बड़ी हानि बताई थी।

इसके साथ ही बहुत से नेताओं ने उनके निधन पर शोक शोक व्यक्त किया था और किसानों के हक के लिए टिकैत ने जो किया उसे अद्वितीय बताया था।

किसानों को किया जीवन समर्पित

टिकैत को चौधरी टिकैत के नाम से भी जाना जाता था और वह किसानों के लिए मसीहा साबित हुए थे। किसानों के हित के लिए उन्होंने कई आंदोलन किए और किसानों के लिए वह कई बार सरकार से टकराए चौधरी टिकैत की एक अपील पर हजारों किसान एकत्रित हो जाया करते थे।

भारतीय किसानों में टिकैत आज भी जीवित है और उन्होंने ही किसान को एकजुट करने के लिए भारतीय किसान यूनियन की नीव रखी थी। वे अपनी आखिरी सांस तक किसानों की हित के लिए लड़ते रहे और उन्होंने अपना जीवन किसानों को ही समर्पित कर दिया... '$'

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