गंगा में बहती हुई नजर आ रही है लाशें जानिए क्या है सच

कोरोना वायरस का डर लोगों के मन में इस कदर बैठ चुका है कि किसी भी खबर को कोरोना से ही लाकर जोड़ दिया जाता है। ऐसे ही बीते दिनों सोशल मीडिया पर गंगा नदी में बहते हुए शवों का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इनकी संख्या लगभग 70 के आसपास थी और यह फोटो बिहार के बक्सर का था। इस फोटो को कोरोना वायरस से जोड़ कर दिखाया जा रहा है जो कि गलत है।

'आप' के एमपी ने किया था दवा

आम आदमी पार्टी के एमपी सुशील कुमार गुप्ता ने शवों की फोटोस फेसबुक पर शेयर करते हुए दावा किया था कि बिहार के बक्सर और बीरपुर एरिया में गंगा नदी में 500 के करीब शव तैरते हुए देखे गए हैं। कई बॉडी तो कोरोना किट में बंद है। 30 किलोमीटर के करीबन एरिया में जमा हुए यह शव यूपी और बिहार दोनों सरकारों को संवेदनहीनता का जीता जागता उदाहरण बताते हैं और सिस्टम पर बहुत बड़ा धब्बा है।

सोशल मीडिया पर गंगा में तैरते हुए शवों की एक और फोटो शेयर की गई इसमें शवों के ऊपर कौवा और चीलो को उड़ते हुए देखा जा सकता है। फोटो को शेयर करने के साथ ही कैप्शन लिखा गया है। गंगा मैया में बहते उत्तर प्रदेश के शव बिहार के बक्सर जिला पहुंचे। इसी के साथ ही फेसबुक और ट्विटर पर यूजर इसी केप्शन के साथ फोटो को शेयर कर रहे हैं।

2015 की है फोटो

सोशल मीडिया पर गंगा में शवों की फोटो जो वायरल की जा रही है। वह आज कि नहीं 2015 की है। यह उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की फोटो है। बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि मंगलवार 11 मई को बक्सर में गंगा नदी में कुल 71 शवों को निकाला गया था, जहां वह डी कंपोस्ट अवस्था में पाए गए थे वहीं कुछ बॉडी गंगा नदी में ही उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पाई गई।

यह बात सच है कि उत्तर प्रदेश में कुछ शवों को बरामद किया गया है लेकिन जो फोटो वायरल की जा रही है वह आज की नहीं 2015 की है इस जांच पड़ताल से पता चलता है कि वायरल की गई न्यूज़ फेक है और उस फोटो का आप से कोई लेना देना नहीं है।

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