छठ पूजा 2020 का शुभ मुहूर्त

इस दिन सूर्योदय – 06:48 पर होगा तथा सूर्यास्त – 17:26 पर होगा. वैसे षष्ठी तिथि एक दिन पहले यानी 19 नवंबर को रात 9:58 से शुरू हो जाएगी और 20 नवंबर को रात 9:29 बजे तक रहेगी.

छठ पूजा विधि

सूर्य देव को विधि विधान से अर्घ्य दें। बांस की ०३ बड़ी टोकरी, बांस या पीतल के बने ०३ सूप, थाली, दूध और ग्लास, चावल, लाल सिंदूर, दीपक, नारियल, हल्दी, गन्ना, सुथनी, सब्जी और शकरकंदी, नाशपती, बड़ा नींबू, शहद, पान, साबुत सुपारी, कैराव, कपूर, चंदन और मिठाई प्रसाद के रूप में ठेकुआ, मालपुआ, खीर-पुड़ी, सूजी का हलवा, चावल के बने लड्डू लें। इसके बाद बांस की टोकरी में उपरोक्त सामग्री रखें। सूर्य को अर्घ्य देते समय सारा प्रसाद सूप में रखें और सूप में ही दीपक जलाएँ। फिर नदी में उतरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

छठ पूजा हर वर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को दीपावली के बाद हिंदुओं का छठ सबसे बड़े त्योहारों में गिना जाता है इस बार छठ की पूजा नवंबर यानी शुक्रवार को है उत्तर भारत में खासतौर से बिहार यूपी झारखंड में बेहतर तरीके से मनाया जाता है और इन सभी स्थानों पर उसका खास महत्व है।

किस शहर को भी है प्यार और हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है बावजूद इसके के लोगों के बीच इस साल उत्साह की कमी है क्योंकि इस साल कोरोनावायरस तक भी लोगों को त्योहार के प्रति जो उत्साह और प्रेम है ।

उसमें कोई भी कमी नहीं लग रही है छठ पूजा का प्रारंभ 2 दिन पूर्व चतुर्थी तिथि तिथि को नहाए खाए से होता हैं। उसके बाद छठी तिथि को छठ पूजा होती है।

तिथि के अनुसार छठ पूजा 4 दिनों की होती है यह साल छठ पूजा को देखते हुए और भाई इस स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही है पूजा की शुरुआत कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से होती है इस वर्ष नहीं खाए 18 नवंबर बुधवार को है इस सूर्यदेव सुबह 6:46 पर होगा और सूर्यास्त 5:26 पर होगा।

चौथा दिन सूर्य उदय अर्घ्य पारण का दिन है पूजा का अंतिम दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को होता है इस दिन सूर्योदय के बाद सूर्य देव को अर्पित किया जाता है और उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाता है इस बार 21 नवंबर को 6:49 पर और सूर्य 5:25 पर होगा...

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